धरणावदा रोड़ पर स्थित छबड़ा सुपर थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) के निस्तारण में फ्लाई ऐश ढोने वाले ठेकेदार द्वारा बड़ा गड़बड़ झाला किया जारहा है। यह सब गड़बड़ झाला थर्मल के अधिकारियों की मिली भगत से हो रहा है। जिसमे ठेकेदार एवं अधिकारियों के वारे न्यारे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार मोतीपुरा चौकी छबड़ा सुपर थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनने के प्रक्रिया में जो फ्लाई ऐश (राख) निकलती है इसे उठाने का ठेका थर्मल द्वारा
एक ठेकेदार को दिया हुआ है। नियमानुसार कोटा रोड़ पर सिमलिया कोटा में यह राख डालनी चाहिए क्योंकि राख डालने के वर्क ऑर्डर भी वही के हैं और वहां यह राख डाली भी जा रही है किंतु ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत से यहां से निकलने वाले प्रतिदिन सैकड़ों डंपर राख थर्मल के आसपास दो से तीन चार किमी की दूरी पर ही डाली जारही है जिसमे प्रतिदिन लाखों रूपे का भ्रष्टाचार गड़बड़ झाला हो रहा है। क्योंकि सिमलिया में जहां यह राख डलती है और डलना चाहिए वह स्थल थर्मल से करीब 130 किमी की दूरी पर है। किंतु ठेकेदार द्वारा यह राख के डंपर वहां नहीं भेज कर थर्मल के आसपास दो से तीन चार किमी
की दूरी पर ही गड्डों, बड़ी खाइयों में डाली जारही है। और आने जाने का प्रति डंपर 250 किमी का भाड़ा सीधा बचाया जा रहा है। पता चला है कि बापचा क्षेत्र में स्टोन क्रेषरो द्वारा खनन कर जो विशाल
गड्डे, खाईयां, खदाने खोदी हुई हैं जिन्होंने छोटे बड़े तालाबों का रूप ले रखा है इन गड्ढे खाइयों खदानों में राख के यह डंपर खाली किए जा रहे हैं रात के अंधेरे में यह सारा भ्रष्टाचार के खेल चल रहा है और इससे ठेकेदार व अधिकारियों के लाखो के वारे न्यारे हो रहे हैं। और करोड़ों का भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
ग्रामीणों ने जताया विरोध भ्रष्टाचार निवारण एवं सामाजिक विकास परिषद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वर्तमान आल इंडिया मंत्री राजमल मीणा ने बताया कि बीती रात को जब राख के डंपर खाली किए जारहे थे मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया वह भी स्वयं वहां पहुंच गए थे मौके पर थर्मल के अधिकारी भी पहुंच गए थे। मीणा ने है। बताया कि इस मामले में उन्होंने स्थानीय थर्मल के अधिकारियों और ऊर्जा विभाग के सी एम डी को भी शिकायत की है। ऐसे हो रहा गड़बड़ झाला राजमल मीणा ने बताया कि 130 किमी की दूरी का आने जाने का किराया बचाने के चक्कर में ठेकेदार द्वारा थर्मल के आसपास तीन चार किमी पर बापचा क्षेत्र में लगे गिट्टी क्रेशरो द्वारा किए गए तालाब नुमा बड़े गड्डों खाइयों खदानों में राख के डंपरो को खाली किया जा रहा है और इसके ऊपर मुर्रम डाली जा रही है। जिसमे भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। माइनिंग विभाग भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा इन खदानों में पानी भी भरा हुआ है। जिससे ग्रामीण सिंचाई भी करते हैं। थर्मल अधिकारियों से नही हो सका संपर्क
नहीं है। इस मामले में थर्मल के अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया किंतु बात नही हो सकी। अधीक्षण अभियंता सीताराम शर्मा से बात करने पर उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी














