चेन्नई। चुनाव ड्यूटी के दौरान एक संविदा कर्मचारी को चेन्नई के वोट गिनती केंद्र में सेंसर की गई फिल्म ‘जना नायक’ को अवैध रूप से डाउनलोड करने, देखने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 23 अप्रैल की रात करीब 11 बजे हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर सेंटर में सीसीटीवी रूम में तैनात था। उस दौरान उसने लीक हुई फिल्म को अपने लैपटॉप पर डाउनलोड किया और पूरी फिल्म देखी। खबरों के अनुसार उसने फिल्म का एक फोटो भी खींचा और उसे अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। इससे वहां मौजूद अधिकारियों की नाक तोप हुई और कर्मचारी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
यह फिल्म अभी ऑफिशियल रूप से रिलीज नहीं हुई है, इसलिए इस घटना को गंभीर अनुमति उल्लंघन माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संविदा कर्मचारी की गिरफ्तारी के साथ-साथ उसके लैपटॉप और मोबाइल से मुख्य सबूत जब्त कर लिए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फिल्म लीक कैसे हुई और क्या कोई और व्यक्ति भी इसमें शामिल है।
सत्ताधारी अधिकारियों ने इस मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी करने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की बात कही है। वहीं, कलाकार और निर्माता संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी नाराजगी जताई है और कहा कि फिल्म की चोरी फिल्म उद्योग में बड़ा आर्थिक घाटा पहुंचाता है।
यह घटना चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता भी प्रभावित कर सकती है क्योंकि मीडिया सेंसरशिप और वोट गिनती के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार पर विशेष ध्यान रखा जाता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि संविदा कर्मचारियों और मतदान केंद्र पर तैनात सभी कर्मियों को कड़ी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि आगे की जांच से आगामी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, आरोपी कर्मचारी को न्यायालय में पेश किया जा चुका है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आसान शब्दों में कहा जाए तो चुनाव के दौरान सेंसर की गई फिल्म की चोरी और सोशल मीडिया पर अवैध पोस्टिंग ने चुनाव सुरक्षा व्यवस्था की छवि को धूमिल किया है, जिस पर प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। उम्मीद है कि यह मामला फिल्म और चुनाव सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े ऐसे कृत्यों पर भविष्य में कड़ी सजगता लाएगा।















