छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी ने आरोप लगाया कि जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों की गलत कार्यशैली के चलते ऊर्जा विभाग घाटे की स्थिति में चल रहा है जिसका खामियाजा आम विद्युत उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उन उपभोक्ताओं को नाजायज परेशान किया जा रहा है जो अपना बिल प्रतिमाह समय पर जमा कराता है। सरकार द्वारा विद्युत विभाग में आए दिन ऐसे नियम बनाये जा रहे है जिसके कारण आम उपभोक्ताओं का निगम के प्रति विश्वास उठ गया है।
सिंघवी ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के ट्रांसफार्मर पांच एचपी व सिंगल कनेक्शन है और अपने बिल की सम्पूर्ण राशि निगम कार्यालयों में जमा करा रखी है उनके ट्रांसफार्मर किसी कारण खराब हो जाने या जल जाने पर उनके द्वारा जब ट्रांसफार्मर निगम कार्यालय में जमा कराकर ऑनलाईन करा दिए जाते है तो निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनको ट्रांसफार्मर देने के स्थान पर उनसे 4-5 नए कनेक्शन करवाने की बात कहकर आए दिन उनसे कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते है जबकि उन उपभोक्ताओं का विद्युत कनेक्शन कई वर्षो पुराना है और उसके द्वारा समय पर विद्युत बिल का भुगतान किया जाता है। विद्युत विभाग के इस रवैये के कारण आम उपभोक्ता परेशान होकर कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इस समस्या के समाधान करवाने के लिए मिले, किन्तु निगम के अधिकारियों से जब इस संबंध में बात की जाती है तो वे नियमों का हवाला देकर कार्य का समाधान करने में आना—कानी करते है और नियमों के जाल में उपभोक्ता को फंसा देते है। एक तरफ तो सरकार उपभोक्ता को परेशान कर रही है वहीं दूसरी ओर कई अधिकारी व कर्मचारी प्रदेश में ट्रांसफार्मर व कनेक्शनों पर अवैध रूप से विद्युत सप्लाई करते है। विद्युत विभाग द्वारा आए दिन पूरे प्रदेश में सैंकड़ों की संख्या में वीसीआर भरी जाती है परन्तु कांग्रेस अपनी तुष्टिकरण की नीति के कारण निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पर दबाव बनाकर एक समाज विशेष के मोहल्लों में वीसीआर नहीं भरी जाती है।








